आस्तिक या नास्तिक?

आस्तिक या नास्तिक?

खुद को सिर्फ आस्तिक या नास्तिक में परिभाषित कर पाना मेरे बस की बात नहीं। मेरा मानना है कि ईश्वर हो भी सकता है और नहीं भी हो सकता है अर्थात् मुझे नहीं पता कि वो है या नहीं। दरअसल मुझे कभी पता लगाने की जरुरत नहीं महसूस हुई इसलिए मैंने कभी पता लगाने की […]

सफलता प्रधान देश

सफलता प्रधान देश - success oriented society

ये वो देश नहीं है जहां प्रयास को सराहा जाए, जहां असफलता को “अनुभव” माना जाए, जहां असफलता पर दूसरा मौका दिया जाए। यह देश असफल होते ही खारिज करता है, असफलता कलंक है यहां। इसीलिए यहां एडीसन पैदा नहीं होते, लिंकन पैदा नहीं होते, “लाईफ सेट” करने वाले गधे पैदा होते हैं।

महानता

महानता

टैगोर ने गांधी को ब्लू टिक दिया, बदले में गांधी ने टेगौर को दे दिया। अब किसी से पूछो कि गांधी महान क्यों है? जवाब मिलेगा कि उसे गुरुदेव टेगौर ने महात्मा कहा था। और टेगौर महान क्यों है? क्योंकि टेगौर को महात्मा गांधी ने गुरुदेव कहा था। तू मेरी खुजा, मैं तेरी खुजाता हुं।