निरपेक्ष
इस देश में वर्तमान में मुख्यत: दो तरह के लोग रहते हैं।
पहले (मोदीभक्त): जिनके हिसाब से
• मोदी जो कुछ करता वो सही है और बाकी कोई कुछ भी करे या विरोध करे वो गलत है..
• इस देश के सारे मुसलमान आतंकवादी हैं..
• सिर्फ़ मोदी और भाजपा को सपोर्ट करने वाले लोग ही देशभक्त हैं बाकी सब देशद्रोही..
• आशाराम, सतपाल जैसे ‘कथित संतों’ पर जो मुकदमे चल रहे हैं उनमें पोप ने उन्हें फ़ंसाया है क्योंकि पोप को और कोई काम नहीं है..
• मोदी के खिलाफ़ चुनाव लड़ने वालों और विरोध करने वालों को विदेशों से पैसे और सपोर्ट मिल रहा है, खासकर ISI से..
• अन्ना ने जब पिछली बार कांग्रेस सरकार के खिलाफ़ धरना दिया था तब वो ईमानदार थे, लेकिन अब भाजपा सरकार के भूमि अधिग्रहण अध्यादेश के खिलाफ़ धरना दे रहे हैं तो धरनेबाज और देशद्रोही हैं..
• अन्ना ने ममता बनर्जी की तारीफ़ कर दी इसलिए वो देशद्रोही हैं पर अटल बिहारी वाजपेयी ने ममता के साथ सरकार बनाई वो भारत रत्न हैं..
• केजरीवाल ने कांग्रेस से बाहर से समर्थन ले कर सरकार बनाई वो गलत है, भाजपा ने पीडीपी के साथ मंत्रीपद और मसर्रत आलम की रिहाई की डील करके सरकार बनाई तो इनका कहना है कि कुछ बदलने के लिए सत्ता में रहना जरूरी है..
• इस देश का मीडिया बिका हुआ है वो कभी हिंदुओं का पक्ष नहीं दिखाता..
दूसरे (कथित धर्मनिरपेक्ष): जिनके हिसाब से
• मोदी जो कुछ भी करता है वो गलत है
• मोदी सरकार के हर निर्णय के पीछे RSS का हाथ है
• RSS धार्मिक उन्माद बढा रहा है लेकिन औवेसी और जाकिर नायक तो प्रवचन देते हैं..
• पेशावर हमले के समय तो इनकी प्रोफ़ाइल पिक्चर पर मोमबत्ती नजर आती है लेकिन आसाम, केन्या, सीरिया और इराक में मारे जाने वाले लोगों के लिए इनके मुंह से कभी दो शब्द नहीं सुनाई देते..
• अब्दुल कलाम और अशफ़ाक उल्ला खान जैसे देशभक्त तो मुसलमान हैं लेकिन ISI के आतंकवादी मुसलमान नहीं है, क्योंकि देशभक्ति का तो मजहब होता है परन्तु आतंकवाद का कोई मजहब नहीं होता..
• आगरा में 250 लोगों की जबर्दस्ती घर वापसी करवाई गई थी परन्तु 800 सालों से हो रहा धर्मांतरण तो अपनी इच्छा से हो रहा था..
• इस देश का मीडिया बिका हुआ है वो कभी अल्पसंख्यकों का पक्ष नहीं दिखाता..
तीसरी प्रजाति (जो लुप्तप्राय है) उन लोगों की है जिनके लिए कार्य मायने रखता है कर्ता नहीं। जो गलत को गलत और सही को सही बोलने की हिम्मत रखते हैं, फ़िर चाहे वो मोदीजी के बारे में हो, केजरीवालजी के बारे में हो, राहुलजी के बारे में हो या फ़िर किसी और् के बारे में। मैं इसी तीसरी प्रजाति का प्राणी हुं।
