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Long-form writing by GhanShyam Singh Odint — reflections and articles on filmmaking, Rajasthan, society, faith and the ideas that shape them.

मुझे नए लोग नहीं मिलतेमुझे नए लोग नहीं मिलते

मैं नये लोगों से मिलना चाहता हुं, लेकिन नये लोग नहीं मिलते। रोज वही बातें, वही सोच — कुछ भी नया नहीं, सिर्फ चेहरे के अलावा।

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CJP GenZ Protest

लोगों का दावा है कि GenZ बहुत समझदार है… ऐसा कुछ नहीं है। GenZ में सैंकड़ों अच्छी बातें हैं, लेकिन ‘पॉलिटिकल अवेयरनेस’ उनमें से एक नहीं है।

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Business is an Art form

For most of my life I saw business as something you do to survive — no romance, no art. Recently that changed: business is one of the…

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आप कौनसी कैटेगरी में आते हैं?

इस बार भाजपा के वोटर्स में भी सरकार से असंतोष और नाराजगी है। आखिरकार चश्मा उतर रहा है — असंतोष की तीन कैटेगरी।

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Cricket is Dead

किसी जमाने में गेंदबाजी भी एक आर्ट थी। पाटा विकेट, छोटी बाउंड्रीज और सेंसलेस फील्ड रिस्ट्रिक्शन्स ने खेल को एकतरफा बना दिया — क्रिकेट मर…

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भाजपा का नारी शक्ति वंदन

भाजपा का “नारी शक्ति वंदन” उतना ही सफल होगा जितना कांग्रेस का ‘वोट चोरी’ नैरेटिव — गड़बड़ सारी डेटा के ग़लत इंटरप्रिटेशन की है।

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महाकुंभ

एक बार LIC की एक स्कीम आई थी जो 144 साल में सिर्फ एक बार आती है… अंत में केवल एजेंट ही लखपति बन पाए।

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क्रिकेट और मैच्योरिटी

1999 से 2023 तक के हर वर्ल्डकप की कहानी — और यह क्रिकेट की टाईमलाइन नहीं, मेरे जीवन का ‘मैच्योरिटी ग्राफ’ है।

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ज्ञान गोळ है

बचपन में सुना था कि ज्ञान गोळ है। कैसे है यह कल समझ में आया — एक फिल्म के क्रेडिट से शुरू होकर कश्मीर तक की जर्नी।

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अच्छाई का CIBIL स्कोर

गांवों में एक अघोषित रेटिंग सिस्टम होता है — अच्छाई का CIBIL स्कोर। लेकिन शहर शिफ्ट होते ही वो स्कोर पीछे छूट जाता है।

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Social Media

ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम अलग अलग एप्प नहीं बल्कि अलग अलग दुनियाएं हैं — और उन दुनियाओं के अकेलेपन की एक बात।

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Bollywood Remakes

हर “फटाफट लाभ” लॉन्ग रन में नुकसान पहुंचाता है। रीमेक बना-बनाकर बॉलीवुड ने खुद अपनी क्रेडिबिलिटी और साऊथ का पर्सेप्शन गढ़ दिया।

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Russia Ukraine war

15 दिन पहले तक हमें पता नहीं था यूक्रेन कहां है, आज सबके पास एक ‘जजमेंट’ है। हीरो-विलेन वाले ठप्पे बस मोहमाया हैं — एक कहानी से।

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क्या पढा जाए?

किताबें मत पढिए, किताबों से बचिए (खासकर इतिहास की) — रेडीमेड ऑपिनियन खरीदने की बजाय घटनाएं पढिए, फैक्ट्स पढिए, अपनी राय बनाइए।

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पैसे की दौड़

कुछ पीढी पहले तक हर गांव एक आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था थी, जहां पैसे की जरूरत ही नहीं थी। फिर पैसा आया और समाज की जगह ले ली।

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भारतीय शिक्षा प्रणाली

भारतीय शिक्षा प्रणाली में ना शिक्षा है ना प्रणाली — सिर्फ डिग्रियां। असल जड़ यह है कि हम सक्सेस-ऑरिएंटेड समाज हैं जहां सफलता का मतलब सिर्फ…

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राजस्थानी में गाने कैसे बनते हैं?

राजस्थानी में दरअसल गाने बनते ही नहीं हैं — गानों के नाम पर सिर्फ 3-4 मिनट की Reels बनती हैं। पूरी ‘मेकिंग प्रोसेस’ पर विस्तृत भड़ास।

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कोठी हवामहल सी गांव में

किसी ने पूछा कि ‘कोठी हवामहल सी’ गाने का थॉट कैसे आया? — 2013 की मुंबई, आराम नगर के एक बंगले और एक ‘ज्ञान की चोट’ की कहानी।

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दिनचर्या

किसी ने पूछा कि मेरी दिनचर्या क्या रहती है? — सावन, पैदल दूध, बिना-फोन वाली क्रिएटिविटी, 10 हजार कदम और किस्तों में लिखे जाते गाने।

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तालिबान, अफ़ग़ानिस्तान और अमेरिका

तालिबान पूरे अफगानिस्तान पर कब्जा कर लेगा — उसके बाद क्या होगा? क्रांतियां ऐसे ही होती हैं, इतिहास से समझिए।

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सफलता और नैतिक पतन

देश के नैतिक पतन की जड़ है “किसी भी कीमत पर सफलता चाहिए” का सिंड्रोम। सफलता का बेशकीमती हो जाना ही इसकी असली वजह है।

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महानता

महानता दरअसल एक illusionary सर्किल है, एक वीआईपी घेरा है, काल्पनिक।हाल ही एक फिल्म देखी थी Never been kissed, उसमें एक लङकी है कॉलेज में…

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Corona Lockdown

सरकार को अब लॉकडाऊन खोल देना चाहिए — क्योंकि कोरोना से ज्यादा तो जनता ‘मिराज संकट’ और ‘हताई की समस्या’ से त्रस्त है। (व्यंग्य)

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दोस्ती और राजनीति

देश बंट चुका है, दोस्तियां दुश्मनी में बदल रही हैं। बहस कीजिए, पर रिश्ते खराब मत कीजिए — परिपक्वता इसी में है।

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सफलता प्रधान देश

ये सफलता प्रधान देश है। यहां सफल होना जरुरी है, हर एक प्रयास में। यहां असफलताओं की कोई जगह नहीं है। असफल हुए तो कैसे हुए? आप प्रयास नहीं…

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जीवन का उद्देश्य

मोक्ष/जन्नत में जिन सुविधाओं को देने का चुनावी वादा तब से किया जा रहा है उनसे सैंकड़ों गुणा बेहतर सुविधाएं यहां पृथ्वी पर आज यथार्थ में…

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अब तक 28

..तो 28 गुजर गये। वैसे जन्मदिन कोई खास दिन नहीं होता है, वैसा ही होता है जैसे साल के बाकी दिन होते हैं। बस यह मूल्यांकन करने का दिन होता है…

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X

गणित तो पढी ही होगी। गणित में सवाल सॉल्व करने का एक साधारण सा तरीका है x मानने का। कि जब हमें किसी ईकाई का ‘वास्तविक मान’ ज्ञात नहीं है तब…

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ज़िंदगी – A Gazal by GhanShyam Singh Odint

कभी अचानक सदमों से हम ने संभाली जिंदगी मौत से डर डर कर यूं हम ने निकाली जिंदगी जिंदगी को अब तलक जिंदगी सा जीया हमने फिर भी सबने ये कहा सर…

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धर्म

धर्म क्या है? धर्म कैसे बना? और रिलीजन कैसे बने?

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महाराणा प्रताप और हल्दीघाटी

पैमाने बदलो अपने। महानता के मापदंड भी। क्यों तुम्हें जीत से इतना मोह है कि हार स्वीकार ही नहीं? महाराणा प्रताप की महानता ना तो हार या जीत…

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समाज

हम सभी ने अक्सर सुना ही होगा कि मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है। लेकिन बार बार हजार बार ‘समाज’ शब्द के अनावश्यक प्रयोग से मेरे मन में यह सवाल…

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किस्सा

अमर कहानी होना चाहुं अभी गुमनाम सा किस्सा हुं दुनिया को मैं भीङ बताता खुद उसी भीङ का हिस्सा हुं कभी बर्बादी में भी हंस पङता कभी खुशियों में…

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आस्तिक या नास्तिक?

खुद को सिर्फ आस्तिक या नास्तिक में परिभाषित कर पाना मेरे बस की बात नहीं। मेरा मानना है कि ईश्वर हो भी सकता है और नहीं भी हो सकता है अर्थात्…

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पर्सनल लॉ बोर्ड

भारतीय संविधान चूंकि हर नागरिक को धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार देता है। इसलिए अपने इस अधिकार का इस्तेमाल करते हुए कल रात को मैंने अपना नया…

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How to be a Film Director?

बॉलीवुड में निर्देशक भी दो तरह के होते हैं, अर्थात् निर्देशक बनने के दो प्रोसेस होते हैं- 1. जिनके नजदीक या दूर का कोई लिंक या रिश्तेदार…

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​राजस्थान बोर्ड का open letter बिहार बोर्ड को

प्रिय बिहार बोर्ड, 12वीं के परिणाम घोषित करके कुछ फ़ुर्सत मिली तो आज फ़ेसबुक खोला। मेरे 90% पास वाले रिजल्ट का मजा यह देख कर किरकिरा हो गया…

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गर्व

हम भारतीयों की खासियत है कि हम गौरवान्वित होने का कोई भी मौका नहीं छोङते। देश, भाषा, संस्कृति, जाति, धर्म, इतिहास, वंश किसी पर भी गर्व कर…

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लेखन

लिखना या फिल्म बनाना हंगने की तरह है। यानी कि जो आप खाते हैं, पूरे दिन पेट में इकट्ठा करते हैं, पचाते हैं यानी रिसाइकिल करते ह़ै, फिर दूसरे…

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राजपूत युवा

राजपूत युवा इस समय एक बम है, बिना रिमोट का… कब, कहां, किस पर फूट पड़े कोई अंदाजा नहीं। उसे नहीं पता कि उसके फटने का क्या परिणाम होगा, खुद उस…

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बलात्कार

हर औरत के साथ चार पुलिसवाले तैनात कर दे तो क्या होगा? वो पुलिसवाले भी तो इंसान ही हैं ना, वर्दी पहनी है उन्होंने castration थोङी करवाया है?

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मूर्तियों का देशमूर्तियों का देश

आंध्र में हनुमान जी का विश्व का सबसे बङा स्टेच्यू बना, जिसकी वजह से गुजरात में पटेल का उससे बङा स्टेच्यू बना, जिसकी वजह से महाराष्ट्र में…

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प्रतीकों का मोह

(गिटार की जगह महापुरुषों को रखकर पढिए) कुछ साल पहले मैंने एक गिटार खरीदा। खरीदने के बाद मैंने उस गिटार के साथ विभिन्न पोज में फोटो खिंचवा…

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लोल सलाम

रात को मुझे सपना आया (आजकल सपने कुछ ज्यादा आ रहे हैं) कि सम्पूर्ण विश्व में वामपंथ की सत्ता कायम हो चुकी है। चारों तरफ सिर्फ़ लाल सलाम-लाल…

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चाणक्य का मंडल सिद्धांतचाणक्य का मंडल सिद्धांत

कौटिल्य का मंडल सिद्धांत और विदेश नीति हास्य रस में…

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भाषा

“मुझे हमारी राष्ट्र्भाषा हिंदी पर गर्व है।” “गर्व है!? लेकिन किस बात का?” “क्योंकि हिंदी विश्व की सबसे श्रेष्ठतम और महानतम भाषा है।” “कैसे?…

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करवा चौथ

आज सुबह सुबह पत्नी जी करवा चौथ के व्रत की तैयारियां कर रही थी तो मैंने भी ‘बुद्धिजीवी mode’ में आ कर ज्ञान पेल दिया कि कुछ नहीं रखा इन व्रत…

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JNU

नक्कालों से सावधान। सर्टिफिकेट पर ‘लोल सलाम अथवा जय बीम’ का हाॅलोग्राम देखकर ही स्वीकार करें। जल्दी करने की बिल्कुल भी आवश्यकता नहीं है,…

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मैं आजाद हुं

जब लोग इतने हैं तो धर्म 5-7 ही क्यूं? और वो भी सारे के सारे आउटडेटेड, हजारों साल पुराने जिनकी एक्सपायरी डेट तक निकल चुकी है… देखो… हर इंसान…

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प्रयास और सफलता

(Originally posted on Facebook) 9वीं क्लास में एक श्लोक पढा था, पूरा तो याद नहीं है, पर जितना है काफी है- जगति वणिक वृति है रखती काम नहीं…

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My Quotes

1. खुद को ना खुद में ढूंढ पाया श्याम, खुद में खुदा को तलाश करते करते। 2. हुआ मेरा आगाज दौर-ए-गर्दिश में, ना होगा अंजाम यहीं फिर टकराऊंगा,…

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इतिहास

मैं सम्पूर्ण विश्व के लिखित इतिहास को खारिज करता हुं। दरअसल इतिहास झूठ का पुलिंदा मात्र है और कुछ नहीं। फिर चाहे वो वामपंथियों का इतिहास…

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कवि बनने की विधि

नमस्कार। आज हम आपके लिए लेकर आए हैं घर बैठे ‘कवि बनने की विधि’। जी हां, अब कवि बनना हुआ बिल्कुल आसान। क्योंकि आज हम खास आपके लिए लेकर आए…

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एक थी क्रांतिएक थी क्रांति

बात सन 1857 की है। भारत देश में पहली बार क्रांति पैदा हुई। लेकिन समस्या यह थी कि क्रांति ‘सतमासी’ पैदा हो गई, अंग्रेजी में कहुं तू…

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निरपेक्ष

इस देश में वर्तमान में मुख्यत: दो तरह के लोग रहते हैं। पहले (मोदीभक्त): जिनके हिसाब से • मोदी जो कुछ करता वो सही है और बाकी कोई कुछ भी करे…

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