दिनचर्या
किसी ने फेसबुक पर मुझे पूछा कि मेरी दिनचर्या क्या रहती है?
दिनचर्या पिछले 8-10 साल से सेट करने की सोच रहा हुं, लेकिन आलस और लापरवाही के चलते कुछ टाईमटेबल फिक्स हो नहीं पा रहा।
कभी सुबह 6.30 बजे भी उठ जाता हुं, तो कभी 9 बजे उठता हुं। फिर एक दिन छोड़कर एक दिन दूध लेने जाता हुं, अधिकतर पैदल। फिर 12 बजे तक चूंकि सावन का फोन/लैपटॉप ‘नहीं’ लेने का टाईम होता है तो उसे पढाता हुं या उसके साथ ऑफलाइन कैरम, लूडो, फुटबॉल वगैरह खेलना ‘पड़ता’ है। फिर 11-12 बजे सावन को नहलाता हुं और फिर खुद नहाता हुं, दो तीन मिनट पूजा पाठ करता हुं, फिर खाना खाता हुं, खाना खाते टाईम फेसबुक/वाट्सएप चलाता हुं या कोई फिल्म/वेबसीरीज लगा लेता हुं। खाने के बाद थोड़ी देर लैपटॉप/कंप्यूटर पर काम से रिलेटेड कुछ कर लेता हुं रैंडमली। काम से रिलेटेड किसी को फोन वोन करना होता है तो कर लेता हुं। सटरडे-संडे को इस टाईम के दौरान सावन के साथ कम्प्यूटर पर गेम खेलने पड़ते हैं, अभी WWE 2k18, Hitman 2 या GTA5 चल रहा है।
फिर साढे तीन बजे मम्मी और वाईफ सो कर उठ जाते हैं तो सब चाय पी लेते हैं। चार बजे के बाद बाहर मार्केट वगैरह का कोई काम होता है तो वो कर आता हुं, स्टुडियो वगैरह या किसी से मिलने जाना होता है तो वो कर लेता हुं। नहीं तो छत पर या बालकनी में घूम लेता हुं, कभी सावन के साथ फुटबॉल खेल लेता हुं, कभी कभी कम्प्यूटर पर कुछ काम कर लेता हुं। फिर 6-7 बजे खाना खा लेता हुं। खाना खाते टाईम वापस दोपहर की पेंडिंग मूवी या फेसबुक/वाट्सएप चला लेता हुं। उसके बाद वॉकिंग करता हुं घर के बाहर या सामने पार्क में। 10 हजार कदम का टारगेट रहता है। वॉकिंग करने के लिए दो चार पुराने दोस्तों में से किसी एक को रैंडमली फोन कर लेता हुं या उनका फोन आ जाता है तो मेरी और उनकी दोनों की साथ में वॉकिंग हो जाती है और घंटे भर गपशप भी। फिर रात को सोते टाईम वही पेंडिंग फिल्म, वेबसीरीज, फेसबुक या कुछ और पढ लेता हुं। नींद आने लगती है तो सो जाता हुं।
बीच बीच में सुबह फ्रेश होते समय या नहाते समय या गाड़ी/स्कूटी ड्राईव करते समय गाने वगैरह लिख लेता हुं, गाने की वीडियो की स्टोरी सोच लेता हुं। सारी क्रिएटिविटी इन्हीं ‘विदाऊट फोन वाले’ कामों के दौरान वर्क करती है। किसी गाने की आज दो लाईन आ गई, दस दिन बाद किसी दूसरे गाने की चार लाईन और आ गई, फिर बीस दिन बाद पहले गाने की दो लाईन और आ गई, ऐसे करते करते किस्तों में 4-6 महीने में एक गाना पूरा लिख जाता है तो म्यूजिक बनने के लिए भेज देता हुं।
इसके अलावा औसतन महीने में 2-5 दिन सच वाला काम भी करता हुं, जैसे कि कभी शूट होता है तब बहुत भागादौड़ रहती है, सुबह शाम का कुछ अतापता नहीं रहता, ना नींद पूरी होती है। शूट के बाद लगातार पूरी पूरी रातों को जागकर एडिटिंग करता हुं। तब बहुत मेहनत होती है गाने की रिलीज के दिन तक।
बाकी मस्त कट रही है, ज्यादा शिकायतें नहीं हैं लेकिन जिम जाने का सपना पिछले 2-3 साल से देख रहा हुं, शायद अब जल्दी ही पूरा करूंगा। इसके अलावा अपनी दिनचर्या सेट करने के लिए एक ऑफर भी दे रहा हुं कि जयपुर में कोई कोचिंग वाला चाहे तो रोज एक घंटा फ्री में पढा सकता हुं (अभी तो खैर बंद पड़ी हैं सारी) हिस्ट्री, हिंदी या इंग्लिश में से एक सब्जेक्ट। इंग्लिश ज्यादा अच्छी है मेरी लेकिन ज्यादा मजा हिस्ट्री में आता है इसलिए वो प्रेफर करुंगा। (हिस्ट्री पर बात/डिस्कशन करने में मुझे बहुत आनंद आता है लेकिन घरवाली को इंट्रेस्ट नहीं है इसलिए कोचिंग ढूंढनी पड़ रही है भड़ास निकालने के लिए)। चूंकि पैसे नहीं लूंगा तो साफ सी बात है कि टाईमिंग मेरी पसंद की रहेगी सुबह की। कोई इच्छुक हो तो कोचिंग्स खुलने के बाद इनबॉक्स में संपर्क कर सकते हैं।