प्रयास और सफलता
(Originally posted on Facebook)
9वीं क्लास में एक श्लोक पढा था, पूरा तो याद नहीं है, पर जितना है काफी है-
जगति वणिक वृति है रखती
काम नहीं परिणाम निरखती..
अर्थात् लोग आपकी ‘सफलता’ की कद्र करते हैं, आपके ‘प्रयासों’ की नहीं।
जबकि मेरा मानना है कि सफलता नाम की कोई चीज संसार में विद्यमान है ही नहीं। यह सिर्फ इंसान के दिमाग में पैदा होने वाला वहम मात्र है। ‘सफलता’ सिर्फ इंसान की उस मनःस्थिति का नाम है जहां पहुंचकर इंसान का मस्तिष्क स्वयं के परिपूर्ण होने का भ्रम पाल लेता है तथा कुछ नया सीखना बंद कर देता है। इसलिए मेरे लिए किसी कार्य की सफलता या असफलता मायने नहीं रखती। मायने रखती है तो बस कोशिश। परिणाम चाहे मनवांछित हो या ना हो, पर मैं प्रयास हमेशा अपने मनवांछित करता हुं। और मैं उन सभी लोगों को धन्यवाद देना चाहता हुं जो मेरी भावी सफलता/असफलता को भूलकर मेरे ‘प्रयासों’ की सराहना तथा सहयोग करते हैं। हालांकि वो अल्पसंख्यक हैं और लुप्त होते जा रहे हैं (यदि आप भी उनमें से हैं तो आपका भी धन्यवाद)। लेकिन मैं उम्मीद करता हुं कि जो बचे हुए हैं उनका विश्वास एवं सहयोग सदैव बना रहेगा।
और हां, मेरी जिंदगी का मकसद ‘प्रयास’ है ‘सफलता’ नहीं, इसलिए प्रयास ताउम्र यूं ही जारी रहेंगे..