कवि बनने की विधि
नमस्कार। आज हम आपके लिए लेकर आए हैं घर बैठे ‘कवि बनने की विधि’।
जी हां, अब कवि बनना हुआ बिल्कुल आसान। क्योंकि आज हम खास आपके लिए लेकर आए हैं एक ऐसी विधि जिससे हर कोई सिर्फ़ 90 घंटे में घर बैठे हास्य-कवि बन सकता है। यकीन मानिए अधिकतर कुकुरमुत्ता छाप कवियों की सफ़लता में इसी विधि का हाथ है।
सामग्री- 1 डायरी, 1 एंड्रॉयड फ़ोन, 1 मोदी जैकेट (आजकल यही ट्रेंड में है, रंग यदि लाल-पीला हो तो और भी बेहतर), 1 पगड़ी (यदि मारवाड़ी कवि बनना हो तो)
विधि- सबसे पहले तो अपने दिमाग से यह बात निकाल दीजिए कि कवि बनने के लिए कुछ अलग करना पड़ता होगा। फ़िर अपने एंड्रॉयड मोबाइल में इंटरनेट का रिचार्ज करवाइए और इसके बाद Google Play Store से Whatsapp डाउनलोड करके इंस्टाल कीजिए। इसके बाद जो करना है वो आपको नहीं करना है, वो आपके आपसे भी अधिक ज्ञानचंद मित्र करेंगे।
आपके ज्ञानचंद मित्र (विधि अंडर-18 के लिए भी है इसलिए मैं थोड़ा कम मारक शब्द इस्तेमाल करने के लिए मजबूर हुं) आपके फ़ोन को दुनियाभर के ब्रह्मांड-भ्रमण कर चुके चुटकुलों से भर देंगे। लगभग दो महीने में Whatspp पर घूम रहा हर चुटकुला आपके अपने फ़ोन में कम से कम 5-7 बार आ चुका होगा। अब आपको करना यह है कि एक दिन फुर्सत से बैठकर उन चुटकुलों में से जो भी आपको नये लगें (हालांकि वो हैं नहीं, सबके फ़ोन में आपसे पहले पहुंच चुके हैं), छांटकर, एक डायरी में नोट कर लें। और उनको थोड़ा मॉडिफ़ाई करके खुद उन चुटकुलों में फ़िट होने की कोशिश करें। मतलब कि चुटकुले में संता की जगह खुद को घुसा दें, बंता की जगह अपनी बीवी या किसी मित्र/रिश्तेदार को डाल दें।
अब अपने फ़ोन में यूट्यूब.कॉम खोलें और उसमें ‘Kumar Vishwas’ लिखकर सर्च करें। डॉ. कुमार विश्वास द्वारा जो भी कटाक्ष श्रोताओं पर किए गए हों, उन्हें भी डायरी में नोट कर लें और कंठस्थ कर लें। (For Example- कोई लड़का मंच के आगे घूम रहा हो तो, उसे कहना कि ऐ देश के भविष्य, मेरा वर्तमान क्यों खराब कर रहा है?)
अब आपको लिखनी होगी चार लाइनों की तुकबंदी कवि सम्मेलन का आयोजन करवाने वाले गांव/शहर की तारीफ़ में। लेकिन ध्यान रहे कि ये पंक्तियां हर जगह काम आने वाली हैं इसलिए इनमें गांव/शहर का नाम आवश्यकता अनुसार परिवर्तित किया जा सके ऐसी सहूलियत रखें।
अब वैसे तो कोई खास आवश्यकता है नहीं, लेकिन फ़िर भी एकाध कविता (आपके हिसाब से कविता, बाकी होगी तो वो तुकबंदी ही) लिख लें। चुटकुलों के बीच-बीच में सुनाने के लिए काम आएगी। यदि आप में कविता लिखने लायक रचनात्मकता नहीं है तो भी चिंता की कोई बात नहीं है। आपके फ़ोन में इंटरनेट तो है ही, 15-20 कविताएं इंटरनेट से डाउनलोड करें और ‘एक लाईन इस कविता से तो दूसरी लाइन दूसरी कविता से’ उठाकर एक कविता बना डालें और उसे अपनी बता दें। यह मायने नहीं रखता कि कविता कितनी आपकी है, मायने रखता है आपका कॉन्फ़िडेंस। हमेशा खुद को बहुत बड़ा कवि समझें। और हां, अपनी फ़ेसबुक प्रोफ़ाइल पर अपने नाम के आगे ‘कवि’ अवश्य लगा लें, ताकि लोगों को भी लगे कि आप कवि का रुप धारण कर चुके हैं।
अब आता है कवि बनने की प्रक्रिया का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव। अपने आस-पास कोई छोटा-मोटा कवि सम्मेलन हो रहा हो तो वहां ‘मोदी जैकेट’ पहन कर पहुंच जाएं और आयोजकों से सम्पर्क करें और उन्हें अपने कवि रुप से अवगत करवाएं। यदि वो काव्यपाठ का मौका ना भी दें तो कार्यक्रम शुरु होने से पहले स्टेज पर चढकर एकाध सेल्फ़ी जरुर ले लें (ध्यान रहे सेल्फ़ी में पीछे भीड़ नजर आनी चाहिए)। और इस सेल्फ़ी को फ़ेसबुक पर अपलोड करना ना भूलें। यह प्रक्रिया तब तक दोहराते रहें जब तक कि आपको स्टेज पर आने का मौका ना मिल जाए।
अब कुछ दिनों तक अपनी सेल्फ़ी उतरवाने के बाद आखिरकार आप मंच पर हैं कविता पाठ करने के लिए। बिल्कुल भी नर्वस या चिंतित ना हों, याद रखें आप बहुत बड़े कवि हैं। अब चूंकि आपसे पहले आप ही के जैसे (इसी विधि की उपज) दो-चार कवि स्टेज पर आकर लोगों को ‘बोर’ कर चुके होंगे और Whatsapp इस्तेमाल करने वाले सारे श्रोताओं को अब तक घर भेज चुके होंगे। इसलिए चिंता की कोई बात नहीं है, अब जो भी श्रोता आपके सामने बैठे हैं वो Whatsapp नहीं चलाने वाले हैं। अब आप पिछले 2 महीनों में तैयार किए गए अपने सारे Whatsapp वाले चुटकुले सुना डालें, लोग बहुत हंसेंगे। और हां, अपने मंचासीन साथी कवियों की झूठी तारीफ़ करना ना भूलें, क्योंकि तभी तो वो आपकी तारीफ़ करेंगे और अगले कवि सम्मेलन में आपको बुलाने का सुझाव आयोजकों को देंगे। और Whatsapp चुटकुलों तथा तारीफ़ों के बीच-बीच में अपनी ‘खिचड़ी कविता’ भी फंसा दें। डरने की कोई आवश्यकता बिल्कुल नहीं है, अब जो आपके सामने श्रोता बैठे हैं, उन्होंने वो कविताएं नहीं पढी हैं जहां से आपने कॉपी मारी है। और यदि लोग ताली ना भी बजाएं, तो उन्हें कहकर बजवा लें, यह एक कवि का जन्मसिद्ध अधिकार है। लीजिए तैयार है एक नया हास्य कवि। अब आप ऑफ़िशियली कवि बन चुके हैं। अब किसी भी कवि सम्मेलन में जाइए, तो वही के वही चुटकुले, डाय्लोग्स और कविता सुनाते रहिएगा। 4-5 साल में आपका नाम बड़े हास्य कवियों में शुमार हो जाएगा (इतिहास गवाह है)।
परहेज- इस विधि से बने हुए कवियों के लिए यूट्यूब पर ‘राहत इंदौरी’ लिखकर सर्च करना निषेध है, क्योंकि इससे खुद के कवि होने का वहम दूर हो जाने का खतरा है।
नोट- वीर रस का कवि बनने की विधि भी आप ‘मात्र 501 रुपये’ डाक अथवा वीपीपी से भेजकर मंगवा सकते हैं। नक्कालों से सावधान। हमारी कोई ब्रांचेज नहीं हैं।
GhanShyam Singh Odint